Bhramar ka 'Dard' aur 'Darpan'

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नैन मिल ही गए(भ्रमर)बात हो जाने दो

Posted On: 23 Jun, 2011 Others में

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जंग जीतेंगे हम आप जो संग हैं -लोकपाल बिल तो बनाना ही है -आइये आज आप का मन कुछ हल्का करें -लीक से हट

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नैन मिल ही गए बात हो जाने दो
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(फोटो साभार गूगल/नेट से लिया गया )

बेरहमी से यूं ना पर्दा गिराइये –जाइए जाइए
मूर्ति बन मै गया एक झलक के लिए
सर पे बांधे कफ़न एक नजर के लिए
नाग जैसे फंसा एक मणि के लिए
आग जैसे जला उर्वशी के लिए
राख बनने से पहले ही छा जाइये
आंसू छलके ख़ुशी के जो बरसाइये
जाइए जाइए ———
नैन मिल ही गए बात हो जाने दो
बेरहमी से यूं ना पर्दा गिराइए –जाइए जाइए

प्यार दिल में जो पनपा वो कब तक छिपे
लाख बादल ढंके चाँद क्या छिप सके ?
कैद बुल बुल जकड आह मत लीजिये

नैन मूंदे प्रिये आंसू मत पीजिये
फूटती जो कली कितना पर्दा करे
देख उसको जरा तो सकुचाइए
जाइए जाइए ———
नैन मिल ही गए बात हो जाने दो
बेरहमी से यूं ना पर्दा गिराइए –जाइए जाइए –

फूल अरमान दिल तेरे स्वागत बिछे ना कुचल जाइये
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गूंथ माला प्रिये बिखरे मोती सभी आज चुन लीजिये
साँसे उखड़ी भले प्राण प्रिय में बसा ना दफ़न कीजिये
बाँहे उठ ही गयी मन मचलने लगा पग को बल दीजिये
सूख पथराये ना दिल की सुन लीजिये
सींच उसको सनम ना प्रलय ढाइए – न कुम्हलाइए
जाइए जाइए ———
नैन मिल ही गए बात हो जाने दो
बेरहमी से यूं ना पर्दा गिराइए –जाइए जाइए –

जंग जीतेगे हम आप जो संग हैं
द्वार खुल जायेंगे आज जो बंद हैं
काया है एक ही पांच ही तत्व हैं
रक्त ले हम खड़े देख लो एक है
होके मायूस ना हार पहनाइए
दिल को जीतेंगे हम आस मन में लिए
आज मुस्कुराइए –
जाइए जाइए ———
नैन मिल ही गए बात हो जाने दो
बेरहमी से यूं ना पर्दा गिराइए –जाइए जाइए –

(फोटो सभी कुछ प्राकृतिक को छोड़ गूगल/नेट से साभार लिए गए )

सुरेन्द्र कुमार शुक्ल भ्रमर ५

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54 प्रतिक्रिया

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नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

allrounder के द्वारा
July 5, 2011

शुक्ल जी, ब्लोगर ऑफ़ द वीक चुने जाने पर हार्दिक बधाई !

    surendr shukl bhramar5 के द्वारा
    July 5, 2011

    सचिन आल रावुनडर भाई शुक्रिया आप का तहे दिल से , इस बीच कुछ कम ही दिखे आप , आइये हम इसी तरह नैन से नैन ..हाथ से हाथ मिला बढ़ते चलें – भ्रमर ५

Jitendra Kumar के द्वारा
July 4, 2011

आपने हमारी यादें को ताजा कर दिया, आम के मौसम में मज़ा दे दिया.

    surendra shukla bhramar5 के द्वारा
    July 4, 2011

    जीतेन्द्र जी सच कहा आप ने -आम और महुवा का मस्त मौसम-कोयल की कूक -गजब का खुमार -वे बचपन और आशिकी के दौर -क्या कहने –नैन मिल गए तो फिर ….उड़ने लगे …खाना पीना जीना …. रचना अच्छी लगी -आभार शुक्ल भ्रमर ५

Vinita Shukla के द्वारा
July 4, 2011

बहुत बहुत बधाई.

    surendra shukla bhramar5 के द्वारा
    July 4, 2011

    आदरणीय विनीता जी हार्दिक अभिवादन बधाई हेतु -अपना स्नेह बनाये रखें

Ramesh Bajpai के द्वारा
July 4, 2011

प्रिय श्री शुक्ल जी ‘ब्लॉगर ऑफ़ द वीक’ बनने पर हार्दिक बधाई | मै तो आपकी सहज , व सरल अभिव्यक्ति का सदा ही कायल रहा हु | यद्यपि उपस्थिति पर दैनिक व्यस्तताए भारी पड़ रही है पर मन से मै सदा आपके साथ हु | स्नेह व शुभकामनाओ सहित

    surendra shukla bhramar5 के द्वारा
    July 4, 2011

    आदरणीय बाजपेयी जी हार्दिक अभिवादन -मन बहुत ही भोला होता है न बाजपेयी जी -जब मन मिल जाता है तो अनुपस्थिति तो खलती ही है -लेकिन बिरह मिलन जुदाई सब तो इस पेट की खातिर झेलना पड़ता है -कर्म तो सर्वोपरि है – ब्लागर ऑफ़ द वीक सब आप सब को समर्पित है – जब आप आते हैं लगभग सभी रचनाओं पर पहुच जाते हैं ये क्या कम है -हम भी आप की रचनाओ की तहे दिल से प्रशंसक हैं -आप के एक एक शब्द धनी हैं – अपना हार्दिक स्नेह सुझाव बनाये रखें शुक्ल भ्रमर ५

Manish Singh "गमेदिल" के द्वारा
July 2, 2011

bahut khoob…………….. aur bhadaaiiiiiiiiiiii

    surendra shukla bhramar5 के द्वारा
    July 2, 2011

    मनीष सिंह जी शायद ये पहली मुलाकात है अभिनन्दन है आप का -शुक्रिया आप का रचना पसंद आई सुन ख़ुशी हुयी शुक्ल भ्रमर ५

nishamittal के द्वारा
July 2, 2011

बधाई शुक्ल जी सम्मान के लिए.

    surendra shukla bhramar5 के द्वारा
    July 2, 2011

    आदरणीया निशा जी हार्दिक अभिवादन आप का और आभार -कामना है ये आप सब का स्नेह यूं ही बना रहे और हम आप सब को पढ़ लाभ लेते रहें

aksaditya के द्वारा
July 1, 2011

बधाई .

    surendr shukl bhramar5 के द्वारा
    July 1, 2011

    अक्स आदित्य जी आभार आप का -अब मिलते रहिएगा -साधुवाद शुक्ल भ्रमर ५

manojjaiswalpbt के द्वारा
July 1, 2011

सुरेंदर शुक्ला जी प्रणाम साथ ही साप्ताहिक ब्लॉगर चुने जाने पर आपको बधाई!

    surendra shukla bhramar5 के द्वारा
    July 1, 2011

    मनोज जायसवाल जी चिरंजीवी भव प्रभु सदा मस्त व्यस्त रखें हार्दिक अभिनन्दन और आभार आप का -अब नैन मिले तो मिलते रहिये.. शुक्ल भ्रम्र५

k.k.kulshrestha के द्वारा
July 1, 2011

भई,वाह-कहा कहने shukla ji—k.k.kulshrestha

    surendra shukla bhramar5 के द्वारा
    July 1, 2011

    के के कुलश्रेष्ठ जी हार्दिक अभिवादन और अभिनन्दन -प्रोत्साहन के लिए शुक्रिया

Pravin के द्वारा
July 1, 2011

बहुत अच्छा

    surendra shukla bhramar5 के द्वारा
    July 1, 2011

    प्रवीण जी साधुवाद -धन्यवाद आप का -शायद पहली मुलाकात -अपना स्नेह बनाये रखें

Meenakshi Srivastava के द्वारा
July 1, 2011

शुक्ला जी प्रणाम साथ ही ‘साप्ताहिक ब्लॉगर’ चुने जाने पर आपको बधाई. मीनाक्षी श्रीवास्तव

    surendra shukla bhramar5 के द्वारा
    July 1, 2011

    मीनाक्षी जी लगता है इन दिनों व्यस्त हैं आप देर से मुलाकात -हार्दिक अभिवादन और आभार आप का -खुश रहें

Alka Gupta के द्वारा
July 1, 2011

शुक्ला जी , ‘ब्लॉगर ऑफ़ द वीक’ बनने पर हार्दिक बधाई !

    surendra shukla bhramar5 के द्वारा
    July 1, 2011

    आदरणीया अलका जी हार्दिक अभिवादन सब आप सब की ही बदौलत है अपना स्नेह यों ही लुटाते रहें

rachna varma के द्वारा
July 1, 2011

भ्रमर जी , ब्लागर आफ द वीक बनाने पर ढेरो बधाइयाँ !

    surendra shukla bhramar5 के द्वारा
    July 1, 2011

    आदरणीया रचना जी-अभिवादन – बहुत बहुत आभार आप सब का अपना स्नेह यों ही बनाये रखे

parulazad के द्वारा
July 1, 2011

wah wah……….kya bat hai…..lokpal bill ke liye bahut badhiya kavita banai he………………..

    surendra shukla bhramar5 के द्वारा
    July 1, 2011

    पारुल आजाद जी -ये पहली मुलाकात आप से – अपना स्नेह बनाये रखे आभार आप का शुक्ल भ्रमर ५

ROHIT THAKUUR के द्वारा
July 1, 2011

बहुत अच्छा

    surendra shukla bhramar5 के द्वारा
    July 1, 2011

    रोहित ठाकुर जी पहली मुलाकात आप से -हार्दिक अभिनन्दन और आभार -अपना स्नेह बनाये रखें शुक्ल भ्रमर ५

raj के द्वारा
July 1, 2011

हार्दिक शुभकामनायें यश्वाशी जीवन ke लिए प्रार्थना करता hun

    surendra shukla bhramar5 के द्वारा
    July 1, 2011

    राजीव भाई हार्दिक अभिवादन और अभिनन्दन आप का -आप की दुवाओं के लिए आभार -ईश्वर आप को भी हमेशा शांति और ख़ुशी दे ताकि आप जीवन भर यों ही ख़ुशी ख़ुशी बांटते रहें

Dr,Manoj Rastogi के द्वारा
July 1, 2011

ब्लॉगर ऑफ द वीक बनने पर बधाई

    surendra shukla bhramar5 के द्वारा
    July 1, 2011

    आदरणीय डॉ मनोज रस्तोगी जी हार्दिक अभिवादन और अभिनन्दन आप का -हाल आफ फेम में आप से सभी लेखकों को देख बड़ी ख़ुशी होती है -कहीं न कही आज भी सार्थक चीजों का मोल बचा है – प्रोत्साहन के लिए बधाई अपना स्नेह बनाये रखें

संदीप कौशिक के द्वारा
June 30, 2011

आदरणीय भ्रमर जी, ‘ब्लॉगर ऑफ द वीक’ बनने पर आपको हार्दिक बधाई !! हर एक विषय को कविता के रूप में प्रस्तुत करने का आपका अंदाज़ हर बार निराला होता है । आपकी लेखनी दिन-प्रतिदिन प्रखर होती रहे, भगवान से यही दुआ है ।

    surendra shukla bhramar5 के द्वारा
    July 1, 2011

    संदीप जी हार्दिक अभिनन्दन आप को और हमारे समस्त सुधी और प्रिय पाठकों को – हर विषय को कविता बना देना जो आप सब ने बार बार लिखा ये दर्द ये हालत जब मन से अनुभव होते है तो एक काव्य धारा छलक जाती है पर समयाभाव वश हम उसे और सुन्दर रंग नहीं दे पाते इसी का मलाल रहता है हाँ किसी तरह उसे आप सब के सामने जल्दी में ला दिया जाता है – आप सब को ढेर सारी शुभ कामनाये अपने प्रिय विषय ले बढिए और छा जाइये शुक्ल भ्रमर ५

nishamittal के द्वारा
June 26, 2011

शुक्ल जी सभी विषयों पर कविता के रूप में व्यक्त करने की आपकी शैली प्रशंसनीय है.बहुत दिनों से व्यस्तता के कारण नेट पर आना अनियमित चल रहा था,आज ही आपकी रचना पढी.

    surendra shukla bhramar5 के द्वारा
    June 26, 2011

    आभार आप का आदरणीय निशा जी -प्रोत्साहन और आप का साहित्य और सब से इस कदर जुड़े रहना प्रशंसनीय है -बहुत ही मेहनत भरे आप के लेख और सुन्दर विषय होते हैं जिन तक हम समयाभाव वश सोच भी नहीं पाते – आज के समाज का दुःख दर्द कुछ ऐसे ही व्यक्त हो जाते हैं — अपना सुझाव समर्थन देते रहिएगा शुक्ल भ्रमर ५

Rajkamal Sharma के द्वारा
June 25, 2011

्रिय भर्मर जी …. जय श्री राधे कृष्ण ! आपने शायद अन्ना जी के बारे में बताना चाहा है ….. आपनी कला आपने क्या खूब दिखलाई है इस सामयिक मुददे पर क्या खूब अपनी कलम चलाई है …. आपकी अगली रचना पर कमेन्ट क्लोज्ड है ….. एडिट में जाकर के कमेन्ट क्लोज्ड के आगे से सही का निशाँ हटा दे …. धन्यवाद

    surendra shukla bhramar5 के द्वारा
    June 26, 2011

    धन्यवाद राज भाई जय श्री राधे -बहुत कुछ राज भी रह जाता है- जिसे बस राज ही राज खोल पाते हैं- सारी जनता को ये गुण सिखाइए – अच्छी बात है आप ने बताया आज कल कभी स्पैम में कमेन्ट जा बैठ जाते हैं रेस्ट लेने कभी कमेन्ट बंद -जे जे ने तो नहीं कर दिया ? शुक्ल भ्रमर ५

alkargupta1 के द्वारा
June 24, 2011

शुक्ला जी , अच्छी काव्य रचना के लिए बधाई !

    surendr shukl bhramar5 के द्वारा
    June 25, 2011

    अलका जी नैन मिल ही गए -अच्छी रचना लगी सुन हर्ष हुआ प्रोत्साहन के लिए धन्यवाद . शुक्ल भ्रमर ५

newrajkamal के द्वारा
June 24, 2011

आदरणीय भर्मर जी ….. जय श्री राधेश्याम ! मैंने आपके दूसरे या शायद तीसरे पोस्ट पर आपको एक सुझाव दिया था , जिस पर आपने आज तक गौर नहीं किया ….. आप अपनी रचना के शुरू या फिर अंत में उसका केन्द्रीय भाव जरूर दिया करे ….. कई बार यही पता नहीं चल पाता की आप किस बारे में बात कर रहे है ….. हरेक का बोद्धिक स्तर जागरण के सम्पादकों जितना नहीं होता …… आपको उतना सन्मान मिले जितने की आप हकदार है इसी कामना के साथ धन्यवाद

    surendr shukl bhramar5 के द्वारा
    June 25, 2011

    आदरणीय नए राज कमल भ्राता श्री .. जैसे जागरण जंक्सन ने कैप्चा लगा के हमारे दिमाग का मंथन शुरू किया है हम भी वही सोच रहे थे की एक ही चीज के लोग बहुत से अर्थ बहुत से भाव निकालते हैं उसे अपनी दृष्टी से समझ आनंद लेते हैं इस लिए हमने सब कुछ स्वतंत्र रखा है – आप की बातों को नजरंदाज किया…… ऐसा मत सोचियेगा , हाँ कोई कुछ पूछ ले तो उसे प्रतिक्रिया देनी चाहिए – आभार आप का -आप के बौद्धिक स्तर की बात ही कुछ … ये एक भ्रमर गीत है -इसमें एक प्रेमी का प्रेमिका से नैन मिल जाता है पर प्रेमिका ..शर्म लाज भय सामाजिक बंधन से बच कर पर्दा करने लगती है तो उसे हर बंधन तोड़ अपनी जीत का भरोसा दिलाया जाता है .. इसे कहीं न कहीं आज के परिप्रेक्ष्य में जोड़ा गया है जो आप समझ ही गए होने ..जंग जीतेंगे हम आप जो संग हैं …. शुक्ल भ्रमर ५

abodhbaalak के द्वारा
June 24, 2011

क्या बात है भ्रमर जी, आपकी रचनाओं में तो दिन बा डैन …………… बहुत सुन्दर … http://abodhbaalak.jagranjunction.com/

    surendr shukl bhramar5 के द्वारा
    June 24, 2011

    स्वागत है आप का अबोध बालक जी बेचैन किया आप ने हम सब को काफी दिन पुराने राज कमल जी से ..आप की व्यस्तता का कारन कुछ पता चला था ..कुशल क्षेम है सब ?…. आप सब का आशीष रहने पर तो दिन बा दिन …होना ही है — धन्यवाद आप का अब तो नैन मिलते ही रहेंगे न !! शुक्ल भ्रमर ५

Nikhil के द्वारा
June 24, 2011

प्रिय शुक्ल जी, आपकी इस कविता में जो मिठास है इसे बार-बार पढ़ने को प्रेरित करता है. जीवन के रंगों और सामाजिक ढंगों का अद्वितीय समावेश किया है आपने. जीवन और समाज दोनों के दर्शन करवाए आपने. आपकी इस मनभावन रचना के लिए बधाई.

    surendra shukla bhramar5 के द्वारा
    June 25, 2011

    निखिल भाई नमस्कार -आभार आप का- इस रचना में प्रेम की अभिव्यक्ति, सामजिक बंधन , प्रेम की चाहत और जीवन के तत्व आप को परिलक्षित हुए आप के मन को छू पाए सुन हर्ष हुआ – अपना स्नेह बनाये रखें शुक्ल भ्रमर ५

Ramesh Bajpai के द्वारा
June 24, 2011

जंग जीतेगे हम आप जो संग हैं द्वार खुल जायेंगे आज जो बंद हैं काया है एक ही पांच ही तत्व हैं प्रिय श्री शुक्ल जी आशा की सुनहरी आभा से भरी यह पोस्ट बेमिशाल है | पञ्च तत्वों के आध्यत्मिक दृष्टिपात ने इसे अविस्मर्णीय बना दिया है | बहुत बहुत बधाई , आशीर्वाद |

    surendr shukl bhramar5 के द्वारा
    June 24, 2011

    आदरणीय बाजपेयी जी नमस्कार , सुन्दर प्रतिक्रिया आप की बेमिशाल तो शब्द है आप के खजाने में -सच में अध्यात्म को जो समझ जाता है ये पञ्च तत्व को जान जाता है दुनिया में हमारा आने का प्रयोजन समझ जाये तो बात ही कुछ निराली हो जाती है उसके जीवन की – आभार आप का जंग जीतेंगे हम … शुक्ल भ्रमर ५

newrajkamal के द्वारा
June 23, 2011

नजर मिली भी ना थी और उनको देख लिया जुबां खुली भी ना थी और बात भी कर ली (रफ़ी साहिब ) आदरणीय भर्मर जी …..जय श्री राधेश्याम ! एक वोह है की बिना लबों को हिलाए ही पैगाम पहुंचा देते है एक यह भी है की लिख कर भी बात अधूरी ही कह पाते है (अन्ना हजारे ) (मैने नया जन्म सिर्फ कमेन्ट करने के लिए लिया है क्योंकि पुरानी आई डी से कमेन्ट नहीं कर प् रहा हूँ -इस लिए उस खाते पर आपको जीरो पोस्ट ही दिखेगी -असुविधा के लिए क्षमा प्रार्थी हूँ ) धन्यवाद

    surendr shukl bhramar5 के द्वारा
    June 23, 2011

    चलिए आप का राज जो राज बना था आज खुला तो सही भ्रमर तो भ्रमित थे भौंरे सा चक्कर काटते उधर शून्य पोस्ट और इधर जागरण जंक्सन का कैप्चा हैरान कर देता है एक तो समय का अभाव… अरे ज्यादा हो गयी तो कुछ टिप्पणियों को हमारी तरफ …. ह हा रफ़ी और अन्ना साहेब को भी ले आये अच्छा हुआ -अन्ना जी अब मौन रह सन्देश देंगे नजरों से नहीं -बाबा रामदेव का हाल अन्ना जी का करने का सरकार का मन ?? धन्यवाद जय श्री राधे शुक्ल भ्रमर ५

shaktisingh के द्वारा
June 23, 2011

आपने जो इस कविता नैनों की बखान की है वह बेहद ही रोचक है,

    surendr shukl bhramar5 के द्वारा
    June 23, 2011

    शक्ति सिंह स्वागत है आप का इन नैनो द्वारा -रचना ने आप के मन को छुवा सुन हर्ष हुआ – आइये अब जब नैन मिल ही गए बात कर लेने दो — शुक्ल भ्रमर ५


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