Bhramar ka 'Dard' aur 'Darpan'

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शिव से आओ "सीख" सभी लें-बाल दिवस पर

Posted On: 14 Nov, 2011 Others में

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मेरे प्यारे छोटे नन्हे मुन्ने दोस्तों आज बाल दिवस के मौके पर अपने दोस्त बाल “भ्रमर” की ढेर सारी शुभ कामनाएं ग्रहण कीजिये …………
आइये एक सुन्दर विश्व का निर्माण करें जो की बिना आप के सहयोग के तो हो ही नहीं सकता आज मै पास होता तो आप के कान में ढेर सारा मन्त्र देता -जादू दिखाता -कबूतर बना देता ..फूल खिला देता … कुछ हंसाता गुदगुदाता और आप से हाथ उठवाकर ये संकल्प करवाता की हम अपने देश , संस्कृति , ईमानदारी, अहिंसा से कोई समझौता नहीं करेंगे अपने माँ पिता गुरु को हमेशा सम्मान देंगे उन्हें हर सुख सुविधा देंगे भरपूर प्यार देंगे जितना दुलार उन्होंने किया है जितना त्याग उन्होंने हमें इतना बड़ा करने में किया है वो कोई त्याग कोई भी नहीं कर सकता और आजीवन हमे उनके नन्हे मुन्ने पप्पू बने रहना होगा जब चाहें वे हमें डांट दें प्यार दें मार दें दुलार दें उनको हर हक़ देना होगा जो भी अच्छा होगा उसे ग्रहण करना होगा बुराईयों से हमेशा दूर बहुत दूर रहना होगा तब हमारा ये उज्जवल भविष्य बनेगा बड़ी मेहनत करनी हैं कर्म ही पूजा है इससे हम अपना भाग्य भी अपने हक़ में कर लेते हैं हमारे हाथ की रेखाएं बदल जाती हैं हमें सुअवसर मिलता रहता है और हम कभी कभी इस जग में अपना नाम कमा सकते हैं आओ हम बच्चे किसी से भी भेद भाव न करें सब एक दुसरे की सहायता करें विशेषकर जिसके पास कुछ कमी हो उसकी सहायता का हर हमेशा मन बनाये रखें …जब आप ऐसा करोगे दुसरे की सहायता प्रभु आप की सहायता और वो जिसकी सहायता आप ने की दोनों खड़े रहेंगे आप की सहायता को ….

बोलो जय जय शिव शंकर हर हर भोले ….आओ भोले सा हम कोमल और कठोर दोनों बन जाएँ त्याग करें लेकिन दानवों को कभी बर्दाश्त नहीं करें …..आओ हम इनसे बहुत कुछ सीखें …

आज मिठाई भी नहीं खिलाना क्योंकि विश्व मधुमेह दिवस है …५०.८ मिलिओन लोग इस मधुमेह से ग्रसित हैं …४० से ५९ साल में आप लोग भी तो आते होंगे न ! बच के रहना रे बाबा ..मेहनत करिए ..मेथी भिगा के खाइए.. जामुन और कैथ खट्टा फल मिले तो खाइए ..करेला खाइए ….समय से पूर्व की वीमारी और जल्दी …..से बच के सब रहिये …….

आओ बचपन – अब खो जाएँ
माँ के आंचल में छुप जाएँ
हंस दें और उसे हंसाएं
उसकी आँखों में देख देख के
प्यार के सागर खो जाएँ
हंस बने हम मोती चुग लें
सूरज बन रौशनी लुटाएं
लोरी चंदा गुडिया गुड्डा
रेल बस अड्डा
मेला ठेला भीड़ झमेला
ओझा मंदिर और चिकित्सक
कितना माँ को हम दौडाए
याद किये उस पर लुट जाएँ
बारिश में थोडा भीगे हम
कागज़ किस्ती चलो चलायें
छुपा छिपी थोड़ी शैतानी
माँ बाबा को खूब चिढायें
सब को भाई गले मिलाकर
बच्चे के गुण सब सिखलाएँ
नही कोई हो वैरी अपना
ना इर्ष्या हो ना हो झूठ
देश की खातिर अपना जीवन
अपना प्यारा हर एक पल हो
बने सदा हम वीर सपूत.

शिव से आओ “सीख” सभी लें

about-lord-shiva (1)

भागीरथ ने जिसे उतारा
नहीं सम्हाल सका जग सारा
जटा में उलझी गंगा धारा
शिव का कृत्य बड़ा ही न्यारा
——————————–
दो नैना हैं भोले -भाले
करुणामय हैं शिव मतवाले
दे जाते हैं भक्त जो मांगे
जान भी अपनी दांव लगाते
shiva

तीजा नैन प्रलय का द्योतक
“पापी” का कर देता अंत
———————————

images

पिए हलाहल जग की खातिर
कंठ हुआ है नीला
दमन किये हैं अहम गर्व को
कहता “बाघम्बर” है पीला
अमृत पी पी सब जब बिसरे
:”नीलकंठ” संग अब भी नीला
———————————
सोना चांदी गहने मोती
“त्याग” सभी शिव देते
जोगी जंगल मंगल हिम में
“तप” करते ही दिखते
राख भभूत भूत साँपों से
अद्भुत इनका प्यार
शिव की लीला शिव ही जानें
क्या जाने संसार
——————————-
शिव से आओ “सीख” सभी लें
सीखें करना त्याग
दुःख दारिद्र्य सभी तब भागे
जग का हो कल्याण
जहां प्रेम बरसे हो अमृत
पावन संगम गंगा धारा
पापी को तो ये त्रिशूल है
है त्रिनेत्र -भूतों साँपों का
बड़ा भयावह मन में डेरा
——————————
मेरे “ब्लॉग बाल झरोखा सत्यम की दुनिया” से लिया गया …
शुक्ल भ्रमर ५
१४ .११.२०११ याच पी
६.३६-७.०० पूर्वाह्न

बच्चे मन के सच्चे हैं फूलों जैसे अच्छे हैं मेरी मम्मा कहती हैं तुझसे जितने बच्चे हैं सब अम्मा के प्यारे हैं –

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29 प्रतिक्रिया

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नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

RaJ के द्वारा
November 15, 2011

इतनी सुन्दर राचन की उम्मीद भी भ्रमर जी ही की जा सकती है बधाई

    surendra shukla bhramar5 के द्वारा
    November 16, 2011

    प्रिय राज भाई बच्चों की रचना को आप का दिल से समर्थन मिला मन खुश हुआ और लिखना सार्थक ..अपना स्नेह बनाये रखें भ्रमर ५

vinitashukla के द्वारा
November 15, 2011

गागर में सागर भरने वाली रचना जिसने बच्चों को शुभ सन्देश देने के साथ साथ बचपन के पलों को जीवंत भी कर दिया. बधाई भ्रमर जी.

    surendra shukla bhramar5 के द्वारा
    November 16, 2011

    आदरणीया विनीता जी बहुत बहुत आभार आप का बच्चों की रचना को भी आप का समर्थन मिला …मन बहुत खुश हुआ बहुत जरुरत है आज की हम बाल जगत को संवारें अगर ये पीढ़ी कुछ सुधरी तो ही हम आगे कुछ उम्मीद रख चैन से … धन्यवाद भ्रमर ५

November 15, 2011

आदरणीय भ्रमर जी, सादर नमस्कार ! आपकी शिकायत को सिर-माथे पर लेते हुए सबसे पहले आपसे क्षमा चाहता हूँ कि इतने दिनों से मंच से दूर था । इन दिनों लघु-परीक्षाओं के चलते व्यस्तताएँ थोड़ी बढ़ गयी हैं । आशा है कि आप….. :) . . बहरहाल……बाल दिवस पर एक अत्यंत सुंदर संदेश देती……भक्ति-रस से भरपूर इस सुंदर एवं मनभावन रचना के लिए कृप्या बधाई स्वीकारिए !! :)

    surendra shukla bhramar5 के द्वारा
    November 16, 2011

    प्रिय संदीप उर्फ़ राही अनजान जी बहुत ख़ुशी हुयी १ नवम्बर के बाद आप मिले अपना भविष्य पहले संवारिये जीवन को एक मजबूत स्तम्भ तो देना ही है फिर जो लम्हे बच जाएँ हम सब के लिए देते रहिये बहुत बहुत शुभ कामनाएं आप को हर परीक्षा में खरा उतरें बच्चों की रचना को आप ने समर्थन दिया लिखना सार्थक रहा आभार भ्रमर ५

manoranjanthakur के द्वारा
November 15, 2011

चित्रमय शिव महिमा का बखान सिर्फ आपही करसकते है भाई जय भोला भंडारी जय भमर

    surendr shukl bhramar5 के द्वारा
    November 15, 2011

    अरे मनोरंजन भाई जय जय शिव कहिये जय भोला भंडारी …जय भ्रमर कह कृपया लज्जित न करें ..आप का बड़प्पन है आप ने मान दिया बहुत बहुत आभार भ्रमर ५

वाहिद काशीवासी के द्वारा
November 15, 2011

बाल दिवस पर एक अत्यंत ही सुन्दर, प्रेरक और हर्षित करती रचना के लिए कोटिशः आभार भ्रमर जी।

    surendr shukl bhramar5 के द्वारा
    November 15, 2011

    प्रिय वाहिद काशीवासी भाई आभार ..बाल रचना ये आप के मन को प्रभावित की और आप ने सराहा ख़ुशी हुयी -जय शिव शंकर भ्रमर ५

JLSINGH के द्वारा
November 15, 2011

हे शिवशंकर भोलेभाले. मुझे बना दे रूद्र के ‘भाले’. दुष्टों का संहार करूँ मैं, बह जाये अब खून के नाले. ये कविता है सचमुच प्यारी. कर इसको शिक्षा के हवाले. या मुझको मंत्री बनवा दे, शिक्षा का पदभार दिलादे. इस कविता पर ‘शोध’ करे जो, उसे तू ‘डॉक्टरेट’ दिला दे. ‘भ्रमर’ न वन-वन भटके जाकर. शिक्षा का ‘साकेत’ दिला दे. भ्रमर जी, सादर अभिवादन. इतना ही उद्गार मेरे दिल से निकल सका है शुबह सवेरे. आगे सब प्रभु के हवाले. बहुत ही सुन्दर कविता! काश, इसे बच्चों के पाठ्यक्रम में शामिल किया जाता.– जवाहर.

    surendra shukla bhramar5 के द्वारा
    November 15, 2011

    प्रिय जवाहर जी मंत्री बन के आप भी भटक न जाएँ लोग ऐसे गले पड़ जाते हैं की मत पूछिए ..इस लिए आप अपनी ये सोने की कलम लिए हमारे साहित्य में स्वर्णाक्षर गढ़िये ..याद रहेगा सब कुछ बनेगा जिस समाज में ऐसे हमारे प्रिय भाई किसी कोने में रहेंगे वो कोना तो कम से कम प्रकाशित होगा और अंधे लोगों को भी कोई संभालेगा ..ये आप का बड़प्पन और जर्रा नवाजी है जो ऐसे उदगार आप के मन से फूटे ये आप की प्रतिक्रियाएं हमारी धरोहर हैं जय श्री शिव शंकर

Ramesh Bajpai के द्वारा
November 15, 2011

आओ भोले सा हम कोमल और कठोर दोनों बन जाएँ त्याग करें लेकिन दानवों को कभी बर्दाश्त नहीं करें …..आओ हम इनसे बहुत कुछ सीखें … प्रिय श्री शुक्ल जी शिक्षाप्रद , व मनोहारी आशुतोष भगवन शिव के दिव्य स्वरूप का अवलोकन कर मन आनंद से भर गया | बच्चो के साथ बड़ो को भी बहुत कुछ बाट दिया आपने | बहुत बहुत बधाई | [5vi बार ]

    surendra shukla bhramar5 के द्वारा
    November 15, 2011

    प्रिय बाजपेयी जी बहुत बहुत आभार और बहुत सी शुभ कामनाएं आप को अनेकों बार .. बाल कविता को इसकी शिक्षा को आप का समर्थन मिला मन खुश हुआ भ्रमर ५

rajkamal के द्वारा
November 14, 2011

प्रिय भ्रमर जी …. सादर प्रणाम ! नमस्कार ! शुक्रिया ! स्वागत ! आदर ! अभिनन्दन ! और आभार ! इस बाल दिवस की आढ़ में बच्चो को अच्छी -२ बाते सिखा कर आप पुरातन युग में ले जाना चाह रहे है ….. लेकिन आजकल के बच्चे इतने भोले नहीं है जोकि आपकी इन प्रेरणादायी बातो पर अमल करके खुद को जमाने की दौड़ से पीछे कर ले …… मेरे इष्टदेव भगवान भोलेनाथ के साथ इसको जोड़ कर आपने इसको दिव्य स्वरूप प्रदान कर दिया है …..बच्चे तो भगवन का रूप होते है + उनमे भगवान का नूर समाया रहता है ……उसपर सोने पर सुहागा बाल कविता में भगवान ….. बच्चे तो बच्चे –बड़े भी खुश हुए …… मुबारकबाद और मंगलकामनाये न्ये साल तक आने वाले सभी त्योहारों की बधाई :) :( ;) :o 8-) :| :) :( ;) :o 8-) :| :) :( ;) :o 8-) :| :) :( ;) :o 8-) :| :) :( ;) :o 8-) :| :) :( ;) :o 8-) :| :) :( ;) :o 8-) :| :) :( ;) :o 8-) :| :) :( ;) :o 8-) :| :) :( ;) :o 8-) :| http://rajkamal.jagranjunction.com/2011/11/11/राजकमल-इन-पञ्चकोटि-महामण/

    surendra shukla bhramar5 के द्वारा
    November 15, 2011

    प्रिय राज भाई जय श्री राधे ..बहुत सुन्दर कहा आप ने वक्त ऐसा ही है लेकिन पुरानी मिटटी के बने घड़े शीतलता तो देंगे ही न उस समय मिटटी में मिलावट , रासायनिक जहरीले पदार्थ, जहर , कीटनाशक कम थे न इसलिए , आप की बातें सच हैं -घोर कलयुग है बच्चे बड़े ही अडवांस हैं जरुरत से कुछ ज्यादा हमसे तो कहीं ज्यादा कुछ मामलों में ये बहुत जरुरी भी है लेकिन अति सर्वत्र वर्जयेत अब गुड खांड मधु की मिठास उन्हें बताना तो चाहिए न … बहुत बहुत आभार आप का इस बाल गीत पर आप खुश हुए ..जय श्री राधे भ्रमर ५

Piyush Pant, Haldwani के द्वारा
November 14, 2011

बाल दिवस को सार्थक बनाने वाली सुंदर रचना इस मंच पर रखने के लिए आप साधुवाद के पात्र हैं……….

    surendra shukla bhramar5 के द्वारा
    November 14, 2011

    बहुत बहुत आभार आप का पीयूष पन्त जी ..आप के सुन्दर उदगार हमारी धरोहर हैं ..हम और हम सब आज भी बच्चे हैं ..मन कभी बूढा नहीं होता ..माँ पिता का प्यार भी अमर …इस लिए आप सभी और हम बच्चे मित्र …बाल दिवस की ढेर सारी शुभ कामनाएं भ्रमर ५

akraktale के द्वारा
November 14, 2011

आदरणीय भ्रमर जी नमस्कार, आज तो आपने बच्चों को कई सीख एक साथ दे डाली,बाल दिवस सार्थक हो गया. प्यार के सागर खो जाएँ हंस बने हम मोती चुग लें सूरज बन रौशनी लुटाएं सुन्दर पंक्तिया. आभार.

    surendra shukla bhramar5 के द्वारा
    November 14, 2011

    प्रिय अशोक भाई सच में जब मन बच्चा बन किलकारियां मारने लगता है न तो बहुत सी यादें ..हंसाती हैं रुलाती हैं ..न जाने क्या क्या दिखाती हैं ..माँ का प्यार वो बचपन …आभार प्रोत्साहन हेतु भ्रमर ५

shashibhushan1959 के द्वारा
November 14, 2011

आदरणीय भ्रमर जी ,.सादर. आज इन्ही शिक्षाओं की जरुरत है. ए बी सी डी के सामने ये बातें हम सिखाते ही नहीं हैं, जबकि एक संतुलित जीवन विकास के लिए ये बहुत जरुरी है. अच्छी रचना के लिए धन्यवाद.

    surendra shukla bhramar5 के द्वारा
    November 14, 2011

    प्रिय शशि भूषण जी जैसा की आप ने कहीं कहा था की अभी तो हम जवाँ हैं …नहीं हम तो कहेंगे हम आज भी बच्चे हैं ..आइये बच्चे सा मन रख खुशियाँ बिखेरें ..आभार आप का …. भ्रमर ५

Alka Gupta के द्वारा
November 14, 2011

शुक्ला जी , आपकी यह रचना बड़ी ही मनोहारी लगी और शिव की सीख बहुत ही सुन्दर साथ ही मधुमेह की बीमारी से बचने के उपाय ने रचना को बहुत ही महत्त्वपूर्ण व उपयोगी bana diya ati uttam रचना के liye badhai !

    surendra shukla bhramar5 के द्वारा
    November 14, 2011

    आदरणीया अलका जी बहुत बहुत आभार पूरी रचना आप ने पढ़ा और सराहा . .प्रोत्साहन के लिए बहुत बहुत आभार एक बार फिर ..आज विश्व मधुमेह दिवस भी था सो …. भ्रमर ५

nishamittal के द्वारा
November 14, 2011

शुक्ल जी बाल दिवस पर आपकी सुन्दर रचना +शिव से सीखें बहुत अच्छा लगा

    surendra shukla bhramar5 के द्वारा
    November 14, 2011

    आदरणीया निशा जी धन्यवाद बच्चों की रचना पर आप का समर्थन मिला काश सभी बच्चों के मन को समझ उसे बनाएं .. भ्रमर ५

Santosh Kumar के द्वारा
November 14, 2011

आदरणीय भ्रमर जी ,.सादर प्रणाम बहुत ही सुन्दर सम्पूर्ण सन्देश देती ,.रचना ,..और क्या लिखूं ..बालदिवस पर महादेव की शिक्षा …अद्भुत प्रयास ..हार्दिक अभिनन्दन

    surendra shukla bhramar5 के द्वारा
    November 14, 2011

    प्रिय संतोष भाई इतनी द्रुत प्रतिक्रिया और साहित्य में आप की रूचि पर मन खुश हो गया ..बाल गीत पर समर्थन और प्रोत्साहन पर आभार जय शिव शंकर भ्रमर ५


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