Bhramar ka 'Dard' aur 'Darpan'

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कोख को बचाने को... भाग रही औरतें

Posted On: 16 Jul, 2012 Others में

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बीबी पुर (जींद हरियाणा) की महिलाओं, अन्य प्रदेशों की बहादुर महिलाओं को नमन जिन्होंने घर परिवार का विरोध सह ज़माने से लड़ने को ठाना .भ्रूण हत्या महा पाप है और वो भी चुन चुन कर , पहचान कर कन्या भ्रूण को नष्ट करना ..हत्या नहीं तो और क्या है ? और कोई बेहद मूर्ख ही इस तरह की घृणित कार्य और इसकी सराहना कर सकता है .. इस तरह के अनूठे काम को अंजाम दे खाप पंचायतों ने ये जता दिया की मन में इच्छा हो और हमारा उद्देश्य समाज की भलाई को हो तो हम सफल हो सकते हैं ..मुख्यमंत्री हूडा जी को भी धन्यवाद और आभार जिन्होंने एक करोड़ इस गाँव के विकास के लिए और इसकी याद के लिए पुरस्कार स्वरुप नवाजे ….

अब इस पर अमल हो ..और इस की जड़ अर्थात दहेज़ का पुरजोर विरोध हो तब ही बेटियों का स्वागत होगा इस लिए दहेज़ के लिए सरकार न केवल कानून बना के सोये बल्कि अपने गुप्तचर एजेंसिस शादियों में लगाए खुद देखे खुद दहेज़ पर आक्रमण करे लोग खुल के सामने नहीं आते उन्हें उसी घर परिवार समाज में रहना है तो तिल तिल कर मरने में डरते हैं ….

बेटियों की सुरक्षा पढाई लिखाई और उनकी शादियों दहेज़ तक की चिंता सरकार को करना होगा बेटियों को जनने वाली माँ को केवल ११०० मुहैया करा कर सरकार अपना पल्ला नहीं झाड सकती ….ये राशि दो दिन भी नहीं चलती ..तो दहेज़ की बात तो काल है यमराज है उनके लिए …..जागो सरकार जागो ..हमारे बीच से गए भाइयों , विधायकों, मंत्रियों जागो आप का घर परिवार जान जहान सब कुछ इस समाज का है यहीं रहेगा यहीं पलेगा …कुछ तो करो इस जीवन में आप का नाम रह जाए यहाँ ……

कोख को बचाने को… भाग रही औरतें
——————————————
ये कैसा अत्याचार है
‘कोख’ पे प्रहार है
कोख को बचाने को
भाग रही औरतें
दानवों का राज या
पूतना का ठाठ है
कंस राज आ गया क्या ?
फूटे अपने भाग है ..
रो रही औरतें
——————–
images

उत्तर , मध्य , बिहार से
‘जींद’ हरियाणा चलीं
दर्द से कराह रोयीं
आज धरती है हिली
भ्रूण हत्या ‘क़त्ल’ है
‘इन्साफ’ मांगें औरतें ….
——————————-
images (2)

जाग जाओ औरतें हे !
गाँव क़स्बा है बहुत
‘क्लेश’ ना सहना बहन हे
मिल हरा दो तुम दनुज
कालिका चंडी बनीं
फुंफकारती अब औरतें …
———————————-
कृष्ण , युधिष्ठिर अरे हे !
हम सभी हैं- ना -मरे ??
मौन रह बलि ना बनो रे !
शब्दों को अपने प्राण दो
बेटियों को जन जननि हे !
संसार को संवार दो
तब खिलें ये औरतें
कोख को बचाने जो
भाग रहीं औरतें
———————
सुरेन्द्र कुमार शुक्ल ‘भ्रमर’ ५
१४.७.२०१२
८-८.३८ मध्याह्न
कुल्लू यच पी



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43 प्रतिक्रिया

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नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

rajkamal के द्वारा
July 31, 2012

आदरणीय भ्रमर जी …. सादर प्रणाम ! सुन्दर चित्रों से युक्त बहुत ही प्रेरणादायी रचना वोह दिन जल्दी आये जब औरतो का अनुपात मर्दों के मुकाबले ज्यादा होगा मुबारकबाद सहित आभार

PRADEEP KUSHWAHA के द्वारा
July 20, 2012

बहुत सुन्दर ढंग से पीड़ा की अभिव्यक्ति , बधाई. मेरे स्वास्थ्य के प्रति चिंता व्यक्त करने हेतु आभार

    surendr shukl bhramar5 के द्वारा
    July 23, 2012

    आदरणीय प्रदीप जी सब खुश रहें तो आनन्द और बढ़ता है … जय श्री राधे ..हार्दिक आभार आप का …..भ्रमर ५

    pritish1 के द्वारा
    July 23, 2012

    सामाजिक बदलाव लिए आपका विचारणीय लेख……. प्रीतीश http://pritish1.jagranjunction.com/2012/07/21/hanste-rahiye-muskurate-rahiye/

    surendr shukl bhramar5 के द्वारा
    July 23, 2012

    आदरणीय प्रीतिश दास जी अभिवादन ..रचना कुछ सामजिक बदलाव के लिए प्रेरित कर सकी सुन ख़ुशी हुयी आभार ……भ्रमर ५

yogi sarswat के द्वारा
July 18, 2012

अपने जने हुए को मारने से रोकने के लिए , अपने अंश की सुरक्षा के लिए महिलाओं ने जो बीड़ा उठाया है उसका स्वागत ही नहीं बल्कि सम्मान होना चाहिए ! आखिर जननी की सुरक्षा , यानी जग की सुरक्षा ही तो है ! बहुत बढ़िया शब्दों में आपने इस प्रयास को शब्दों में बयान किया है आदरणीय भ्रमर साब ! बहुत सुन्दर विषय और उतना ही सुन्दर रचना !

    surendr shukl bhramar5 के द्वारा
    July 18, 2012

    प्रिय योगी जी बहुत बहुत आभार आप का ..हमारे नारी समाज ने ये जो कदम उठाये हैं भ्रूण हत्या के खिलाफ सच में उसका सम्मान हर घर से होना ही चाहिए और उन्हें भरपूर प्यार प्रोतसाहन और संबल भी हम सब से मिलना चाहिए ताकि ये बुलंद आवाज अब दबे नहीं … जय श्री राधे भ्रमर ५

Alka Gupta के द्वारा
July 18, 2012

शुक्ला जी , सुन्दर काव्याभिव्यक्ति द्वारा जन जागरण का सार्थक सन्देश दिया है…. जब पानी सिर से ऊपर उठ जाता है तो कालिका चंडी बन कर ही सामने अवश्य आएँगी फिर तो समाज का कुछ नया ही रूप हो जाएगा…. सुन्दर आह्वान के लिए बधाई

    surendr shukl bhramar5 के द्वारा
    July 18, 2012

    जी अलका जी अभिवादन ..ऐसे समय पर कालिका चंडी बन ही जाना अच्छा होगा अन्यथा ये बुराइयां सहते सहते रक्तबीज इतने बढ़ जायेंगे की जीना दुश्वार हो जाएगा …आभार आप का आइये यों ही अलख जगाते एक दूजे का साथ देते रहें भ्रमर ५

div81 के द्वारा
July 18, 2012

प्रेरणा और साहस से भरी शानदार पहल इसी तरह प्रयास होते रहे तो समाज में सकारात्मक रिजल्ट आने लगेंगे | जाग जाओ औरतें हे ! गाँव क़स्बा है बहुत ‘क्लेश’ ना सहना बहन हे मिल हरा दो तुम दनुज कालिका चंडी बनीं फुंफकारती अब औरतें …जागरुक और सन्देश देती रचना के लिए बधाई

    surendr shukl bhramar5 के द्वारा
    July 18, 2012

    आदरणीया दिव्या जी बस आप सब से ऐसे ही जोशो खरोश की उम्मीदें हैं बहुत सुन्दर वचन आप के ऐसे ही सभी नारियां बोलें और आगे आयें तब हम समता पायें बिलकुल ….सकारात्मक परिणाम आयेंगे इसमें कोई शक नहीं …प्रेरणा और साहस से भरी शानदार पहल इसी तरह प्रयास होते रहे तो समाज में सकारात्मक रिजल्ट आने लगेंगे | दिव्या जी इस बीच दुर्लभ रहे आप के दर्शन ..उम्मीद है सब कुशल क्षेम है ….. भ्रमर ५

rameshbajpai के द्वारा
July 18, 2012

प्रिय श्री शुक्ल जी दानवों का राज या पूतना का ठाठ है कंस राज आ गया क्या ? संवेदना से रिक्त होते समाज को झकझोरने की यह अलख आपके हिस्से ही आई है | बधाई |

    surendr shukl bhramar5 के द्वारा
    July 18, 2012

    आदरणीय बाजपेयी जी आप सब का आशीष बना रहे और हम जो कर सकें जितनी प्रभु सामर्थ्य और ताकत दे उसमे कहीं कोई चूक न हो कटौती न हो आवाज बुलंद हों परेशानियां उभरें …सरकार जागे …लोग जागें ..जितना हम सहेंगे बुरे उतने बढ़ेंगे ….. आइये ये अलख जगाये रहें आभार भ्रमर ५

ajaykumar2623 के द्वारा
July 17, 2012

आदरणीय भ्रमर जी इस समाज में पुरुषो के साथ कई महिलाएं भी भ्रूणहत्या की समर्थक हैं. ऐसे में आपका ये लेख निस्संदेह उन्हें सोचने पर मजबूर कर देगा. http://ajaykumar2623.jagranjunction.com/2012/07/14/%E0%A4%95%E0%A4%BF%E0%A4%A4%E0%A4%A8%E0%A5%80-%E0%A4%B8%E0%A4%9A%E0%A5%8D%E0%A4%9A%E0%A4%BE%E0%A4%88-%E0%A4%B9%E0%A5%88/

    surendr shukl bhramar5 के द्वारा
    July 17, 2012

    प्रिय अजय जी बिलकुल सच कहा आपने महिलाएं भी ( कुछ अपवाद को छोड़ कर ) इस में बराबर शरीक रही हैं और उनकी आड़ लेकर ही ये घृणित कार्य पूरे होते हैं ..चाहे वह सहेली भाभी सास ननद या और कोई ,,,, जो भी हमारा मकसद साफ़ होना चाहिए की ऐसी खबरें मिलें तो उसका पुरजोर विरोध हो पूरा दम लगाकर … स्वागत है आप का भ्रमर ५

Punita Jain के द्वारा
July 17, 2012

आदरणीय भ्रमर जी, भूर्ण हत्या पर प्रहार करती, महिलाओं का समर्थन करती और उनमें उत्साह भरती आपकी यह रचना बहुत ही सार्थक और सराहनीय है |आपने सही कहा — इस की जड़ अर्थात दहेज़ का पुरजोर विरोध हो तब ही बेटियों का स्वागत होगा इस लिए दहेज़ के लिए सरकार न केवल कानून बना के सोये बल्कि अपने गुप्तचर एजेंसिस शादियों में लगाए खुद देखे |

    surendr shukl bhramar5 के द्वारा
    July 17, 2012

    आदरणीया पुनीता जी इसकी मुख्य जड़ तो है ही वही दहेज़ जो काल के समान सब को खाए जा रही है नहीं तो क्यों विरोध करे कोई बेटियों का अब तो वे बाहर निकल चुकी अर्थोपार्जन भी कर रही पढ़ रहीं पढ़ा रहीं सब कुछ तो अब तो देखो सुनीता विलियम्स सा अंतरिक्ष में भी अपने परचम फहरा रहीं लेकिन इतना सब कुछ होने के बाद भी आज लड़की के माँ बाप दूल्हे के घर वाले के सामने गिड़ गिडाते हैं की कुछ भाव कम करे वर्षों की उसकी म्हणत की कमाई ये दहेज़ लोभी चाट कर जाते हैं और फिर भी उस की बेटी को सताते हैं मन में आग लग जाती है ये सब देख … आभार आप का भ्रमर ५

Chandan rai के द्वारा
July 17, 2012

भ्रमर साहब , कृष्ण , युधिष्ठिर अरे हे ! हम सभी हैं- ना -मरे ?? मौन रह बलि ना बनो रे ! शब्दों को अपने प्राण दो बेटियों को जन जननि हे ! संसार को संवार दो तब खिलें ये औरतें कोख को बचाने जो भाग रहीं औरतें आप जैसे कवि और जागरूक लेखक समय समय पर देश को जागरूक करते रहे है , आपकी लेखनी समाज की चेतना है !

    surendra shukla bhramar5 के द्वारा
    July 17, 2012

    प्रिय चन्दन जी हम आभारी है की आप जैसे कवी लेखक साहित्यकार गण..और बहुत से लेखक मित्र आज भी हर विपरीत परिस्थितियों धमकियों के बाद , परेशान होने , समाज से सताने के बाद भी ये जन चेतना का वीड़ा उठाये हुए हैं और सकारात्मक परिवर्तन के लिए सब को साथ जुटाने की प्रेरणा दे रहे हैं …. आप ने सराहा आप की लेखनी को नमन ….जय हिंद भ्रमर ५

narayani के द्वारा
July 17, 2012

नमस्कार सुरेन्द्र जी बहुत संदेशात्मक रचना . ..हम सबको यह अंतर मिटाना होगा बेटा जरूरी है यदि वंश वृद्धी के लिए बेटी को धरा पर आना ही होगा .. धन्यवाद नारायणी

    surendra shukla bhramar5 के द्वारा
    July 17, 2012

    आदरणीया नारायणी जी अभिवादन बहुत सटीक और सुन्दर वक्तव्य आप का …नारी और पुरुष …बेटा और बेटी पति और पत्नी …भाई और बहन जहां देखिये बिना एक दूजे के साथ कहाँ ये संसार और जहां ….लोगों को समझना चाहिए और दहेज़ के पीछे पड़ उसे ख़त्म करना होगा .. भ्रमर ५

Mohinder Kumar के द्वारा
July 17, 2012

सुरेन्द्र जी, सामाजिक चेतना ही इस भयावह कुरीति का अन्त है…और महिलाओं को ही साहस पूर्वक विरोध की पहल करनी होगी. सार्थक लेख व रचना के लिये बधाई.

    surendra shukla bhramar5 के द्वारा
    July 17, 2012

    प्रिय मोहिंदर भाई सच कहा की अगुवाई तो उन्हें करनी होगी लेकिन साथ हम सब को इस कुरीति को ख़त्म करने के लिए देना होगा उन्होंने कदम तो आगे बढ़ा ही दिया है अब इसे हर तरह का सहयोग चाहिए … आभार भ्रमर ५

dineshaastik के द्वारा
July 17, 2012

पीड़ित नारी की पीड़ा को मुखर करती एक एवं उसकी पीड़ा को बल प्रदान करती हुई प्रस्तुति के लिये बधाई। http://dineshaastik.jagranjunction.com/2012/07/13/हम-ऐसे-खुदा-को-क्यों-मानें/

    surendra shukla bhramar5 के द्वारा
    July 17, 2012

    प्रिय दिनेश भाई नारी पीड़ा हम सब की पीड़ा है आइये इस दर्द को महसूस करें और सदा उनको सम्मान दें उन्हें बल दें पुरुष और नारी एक दुसरे की पूरक हो है ही … भ्रमर ५

akraktale के द्वारा
July 16, 2012

आदरणीय भ्रमर जी नमस्कार, कृष्ण , युधिष्ठिर अरे हे ! हम सभी हैं- ना -मरे ?? मौन रह बलि ना बनो रे ! शब्दों को अपने प्राण दो बेटियों को जन जननि हे ! संसार को संवार दो तब खिलें ये औरतें कोख को बचाने जो भाग रहीं औरतें औरतों की आवाज को और बल देती सुन्दर रचना. बधाई.

    surendra shukla bhramar5 के द्वारा
    July 17, 2012

    प्रिय अशोक भाई आभार आप का प्रोत्साहन हेतु …आइये आवाज बुलंद कर उन्हें संबल देते रहें ….भ्रमर५

shashibhushan1959 के द्वारा
July 16, 2012

आदरणीय भ्रमर जी, सादर ! जन जागृति का आह्वान ! सार्थक सन्देश ! नर को, नारी को, सभी को ! इस दिशा में जो प्रयास हो रहे हैं वे नगण्य हैं ! प्रयासों में और गति लानी होगी ! सरकार नाकारा है ! यह कार्य हम सभी जनता को ही मिलकर करना होगा ! सादर ! (आदरणीय प्रदीप भैया का कोई समाचार नहीं मिल रहा है )

    surendr shukl bhramar5 के द्वारा
    July 16, 2012

    प्रिय शशि भाई ,,सच कहा आप ने …प्रयासों में और गति लानी होगी ! सरकार नाकारा है ! यह कार्य हम सभी जनता को ही मिलकर करना होगा ! दूसरों का मुंह ताकते ..सरकार का मुंह ताकते अब बात बनने वाली नहीं है ..सब को खुद इस अखाड़े में उतरना होगा अपनी आवाज बुलंद करनी होगी ..कदम बढ़ा के बढ़ जाना होगा …जय श्री राधे आदरणीय प्रदीप भाई नए घर में अब दिखे हैं शायद कुछ सुधार हो गया है …. भ्रमर ५

Acharya Vijay Gunjan के द्वारा
July 16, 2012

maanya bhramar जी , सादर !…….नारी जागरण हेतु भ्रूण -ह्त्या पर आप के द्वारा प्रस्तुत रह रचना अत्यंत सराहनीय है ! गहरी संवेदना से सिक्त रचना के liye आप ko badhaai !

    surendra shukla bhramar5 के द्वारा
    July 16, 2012

    आदरणीय आचार्य गुंजन जी मन अभिभूत हुआ आप सब से इस रचना को इतना प्यार मिला आइये सब एक साथ इस को सफल बनाने में अपना सहयोग जारी रखें और आतताइयों की बिलकुल न चलने दें …बभूत बहुत आभार आप का ..मै आप के ब्लॉग पर गया था लेकिन शायद इस बीच आप व्यस्त रहे बुराइयां बढ़ रही हैं इस लिए हम परेशान नहीं बल्कि हम अधिक सह रहे हैं इस लिए अधिक परेशान हैं भ्रमर ५

Bhupesh Kumar Rai के द्वारा
July 16, 2012

भ्रमर जी नमस्कार , जन जाग्रति का ये अभियान सफल होगा, मेरी शुभकामनायें.सुन्दर प्रस्तुति.

    surendra shukla bhramar5 के द्वारा
    July 16, 2012

    प्रिय भूपेश राय जी हार्दिक अभिवादन आप का ..जन जाग्रति का ये अभियान सफल होगा, मेरी शुभकामनायें. आप की शुभ कामनाएं प्रभु सफल करें आइये अपने आस पास नजर रखें और चुप न बैठें … भ्रमर ५

Ajay Kumar Dubey के द्वारा
July 16, 2012

आदरणीय भ्रमर जी सादर प्रणाम यह एक सार्थक और प्रेरणादायक पहल है. इन्हीं छोटे-छोटे प्रयासों से समाज की मानसिकता में परिवर्तन होगा. जागरूकता बढ़ेगी.

    surendra shukla bhramar5 के द्वारा
    July 16, 2012

    प्रिय अजय दूबे जी सार्थक और प्रेरणादायक पहल है. इन्हीं छोटे-छोटे प्रयासों से समाज की मानसिकता में परिवर्तन होगा. जागरूकता बढ़ेगी. हम भी आप की बात ही दोहराएंगे और उम्मीद करेंगे की जब ज्योति जली है तो आइये सब मिल इस मशाल को मैराथन में दूर तक ले चलें …आभार भ्रमर ५

rajuahuja के द्वारा
July 16, 2012

माननीय भ्रमर जी , सादर ! खाप में जागरूकता का एक कारण आमिर खान का सत्य-मेव जयते भी है ! सत्य अन्दर तक झन्झकोर देता है ! आज खाप की महिलाएं उठ खड़ी हैं ,इनका यही साहस इन परिस्थियों को बदलेगा ! इतिहास साक्षी है, जिनमें परिस्थियों से लड़ने का साहस नहीं होता उन्हें उन स्थितियों को सहना पड़ता है ! मौजूं आलेख साधुवाद !

    surendra shukla bhramar5 के द्वारा
    July 16, 2012

    प्रिय राजू आहूजा जी बिलकुल सत्य वचन आप के और सटीक उदगार …काश ऐसे ही.. आप से सब इस मामले में साथ दें साहस दें मदद दें तो किसी की हिम्मत नहीं होगी कल ये अत्याचार करने की महिलाओं को ही आगे आना होगा … जय श्री राधे bhramr 5

rajnithakur के द्वारा
July 16, 2012

बेटियों को बचाने के लिए पहले माओं को ही आगे आना होगा तभी किन्हीं सार्थक नतीजों की कल्पना की जा सकती है…सलाम बीबीपुर की महिलाओं को, जिनका प्रयास औरो के लिए अनुकरणीय बनेगा.. इस पहल को हम सबके बीच रखने के लिए बधाई भ्रमर जी.

    surendra shukla bhramar5 के द्वारा
    July 16, 2012

    आदरणीया रजनी जी ..आप के बहुत सुन्दर उदगार सभी महिलायें आगे आयें इन जुर्मों में उनकी भी सह भागिता होती है कृपा कर के अपनी भूमिका सास ननद माँ की सम्हालें जरुर साथ मिलेगा घर में कुछ का , पड़ोस गाँव में कुछ का फिर समाज और हम सब साथ हैं …आप सब की आवाज हम सब बुलंद करेंगे भ्रमर ५

rajkamal के द्वारा
July 16, 2012

आदरणीय भ्रमर जी ….. सादर प्रणाम ! एक अच्छी और प्रेरणादायक पहल जिससे उम्मीद की एक किरण जगी है और मन में यह आशा भी की यह छोटी सी प्रकाश की किरण जल्दी ही हजारों सूर्यो के प्रकाश समान पूरे भूमंडल को आलोकित करेगी ….. आपके प्रयासों का समर्थन करते हुए आपको नमन करता हूँ जय श्री राधे कृष्ण (नारी तुम ही महान हो )

    surendra shukla bhramar5 के द्वारा
    July 16, 2012

    जिससे उम्मीद की एक किरण जगी है और मन में यह आशा भी की यह छोटी सी प्रकाश की किरण जल्दी ही हजारों सूर्यो के प्रकाश समान पूरे भूमंडल को आलोकित करेगी प्रिय राज भाई बहुत सुन्दर प्रतिक्रिया हम भी यही आशा करते है उम्मीद का दामन थामे आइये हम इन महान नारियों का हर तरह से साथ दें …(नारी तुम ही महान हो ) जय श्री राधे

    pritish1 के द्वारा
    July 23, 2012

    भ्रमर जी आपसे निवेदन है की मेरे ब्लॉग पर प्रतिक्रिया दीजिये….. प्रीतीश

surendra shukla bhramar5 के द्वारा
July 23, 2012

एक बूढ़े को हंसाओ वह स्वयं को जवान समझेगा……. बालक को हंसाओ वह स्वस्थ रहेगा, युवक को हंसाओ उसमे आत्मविश्वास का प्रवाह होगा… आदरणीय प्रीतिश दास जी अभिवादन ..बहुत सुन्दर उदगार टिप्स और मूल मन्त्र ..सुन्दर सार्थक ……भ्रमर ५


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