Bhramar ka 'Dard' aur 'Darpan'

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ऐसे वीर शेर हैं अपने छाती ताने ठाढ़े

Posted On: 26 Jul, 2012 Others में

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ऐसे वीर शेर हैं अपने छाती ताने ठाढ़े
घर में घुस कर घेर लिए हैं दुश्मन को ललकारें
गीदड़ – गीदड़ भभकी देता बोल नहीं कुछ पाए
बिल में घुसकर दौड़ डराता अन्दर ही छुप जाये
साँसे अटकी हैं उन सब की भ्रष्टाचारी जो है
क्या मुंह ले वे सामने आयें फाईल यहाँ भरी है
ऐसे वीर शेर हैं अपने छाती ताने ठाढ़े
नमन तुम्हे हे वीर हमारे कल तुम दुनिया जीते !!
=====================================

कहते हैं तुम थाने जाओ कोर्ट कचहरी बाहर देश
शर्म नहीं आती है इनको जन प्रतिनिधि कहता है देश
क्या बोलें क्या करते जाएँ क्या दे जाते हैं सन्देश
दुनिया देखे कायर कहती रोते घूमें सगरो ओर
एक हो कायर भीरु अगर तो आँचल में छुप जाए
इतने चोर उचक्कों को माँ काहे दूध पिलाये ??
ऐसे वीर शेर हैं अपने छाती ताने ठाढ़े
नमन तुम्हे हे वीर हमारे कल तुम दुनिया जीते !!
=====================================

कुर्सी बदली बोली बदली अब ना रहे गरीबी
भ्रष्टाचार बुरा है भैया बातें खाली पीली
कुआं खोदने हम जाते हैं उसमे टांग अड़ाए
भूखे प्यासे मार ये देंगे जिद पर अपनी आये
हे माँ क्यों पाला है इनको ऐसे दुर्दिन आये
तेरे दूध की लाज नहीं है थाली छेद कराते
ऐसे वीर शेर हैं अपने छाती ताने ठाढ़े …
नमन तुम्हे हे वीर हमारे कल तुम दुनिया जीते !!
===================================

जोश जवानों का क्या कहना बूढ़े अपने ,,,शेर
पंजा अगर गड़ा देंगे कल साँस न आये ..ढेर
ईमां सत्य की राह न रोको .. ना चलती अंधेर
दिया न बत्ती जलती प्यारे किले बने मिटटी के ढेर
जो अरबों लूटे गाड़े हो तुम गरीब के मुंह से छीने
कफ़न भी ना पाओगे इनसे वो गरीब ही कल सब छीने
ऐसे वीर शेर हैं अपने छाती ताने ठाढ़े ..
नमन तुम्हे हे वीर हमारे कल तुम दुनिया जीते !!
==================================

ना शरमाओ अभी वक्त है साधू तुम बन सकते
कुछ दिन निर्जन काल कोठरी आत्मसमर्पण करके
बेटा बेटी घर रिश्ते भी भी आज करेंगे माफ़
कल जो मुंह ढक के घूमोगे यही करें इन्साफ
ठोकर जब इनसे खाओगे जिनके कारण लूटे
चुल्लू में तुम डूब मरोगे अपनी छाती पीटे..
ऐसे वीर शेर हैं अपने छाती ताने ठाढ़े ..
नमन तुम्हे हे वीर हमारे कल तुम दुनिया जीते !!
===================================

सुरेन्द्र कुमार शुक्ल ‘भ्रमर’५
कुल्लू यच पी
२६.०७.2012
१-१.३७ मध्याह्न



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29 प्रतिक्रिया

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नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

ANAND PRAVIN के द्वारा
August 1, 2012

ललकार भरी रचना सर वीर रश से भरपूर …………..आपकी यह शैली भी गजब ढा रही है जय हिंदी ……..जय भारत

    surendra shukla bhramar5 के द्वारा
    August 1, 2012

    रक्षा बंधन की हार्दिक शुभकामनाएं और बधाई हमारे सभी प्रिय मित्रों को . .प्रभु से प्रार्थना है कि ये भाई बहन का पर्व यों ही सदा सदा के लिए अमर रहे प्रेम उमड़ता रहे और बहनों की सुरक्षा के लिए हम सब के मन में जोश द्विगुणित होता रहे … आइये बहनों को सदा खुश रखें हंसे हंसाएं प्रेम बरसायें …तो आनंद और आये … जय श्री राधे आप सब का ‘भ्रमर’५

Ramesh Bajpai के द्वारा
July 31, 2012

कुर्सी बदली बोली बदली अब ना रहे गरीबी भ्रष्टाचार बुरा है भैया बातें खाली पीली प्रिय श्री शुक्ल जी क्या अंदाज है , ये तेवर क्या कहने , बधाई

    surendr shukl bhramar5 के द्वारा
    July 31, 2012

    आदरणीय बाजपेयी जी कुछ ऐसा ही रंग दिखा कुर्सी बदलते ही ..सो …काश कुछ कहा गया सत्य भी हो तो आनंद और आये … आभार जय श्री राधे भ्रमर ५

PRADEEP KUSHWAHA के द्वारा
July 30, 2012

वन्दे मातरम्, जय हिंद.

    surendr shukl bhramar5 के द्वारा
    July 31, 2012

    आदरणीय कुशवाहा जी जय हिंद ..वन्दे मातरम् सच में ऐसे ही जोशो खरोश की जरुरत है … आभार भ्रमर ५

pritish1 के द्वारा
July 29, 2012

एक स्वस्थ, समृद्ध एवं संस्कारवान् भारत बनाने का संकल्प लें……. ऐतिहासिक निर्णायक आन्दोलन……..9 अगस्त दिल्ली चलो…….! जय हिंद जय भारत….वन्दे मातरम……! http://pritish1.jagranjunction.com/2012/07/28/sarfaroshi-ki-tamanna-ab-hamare-dil-main-hai/

    surendr shukl bhramar5 के द्वारा
    July 31, 2012

    प्रिय प्रीतिश जी जय हिंद कोशिशें ही कामयाब होती हैं देर है अंधेर नहीं देखिये कब तक घसीटा जाता है यों ही … एक स्वस्थ, समृद्ध एवं संस्कारवान् भारत बनाने का संकल्प लें……. ऐतिहासिक निर्णायक आन्दोलन……..9 अगस्त दिल्ली चलो…….! जय हिंद जय भारत….वन्दे मातरम……!

    pritish1 के द्वारा
    August 2, 2012

    लिंक पर क्लिक कर भारत स्वाभिमान का उद्देश्य अवश्य पढें प्रतिक्रिया दें……एक भारत स्वाभिमानी प्रीतिश…….. जय हिंद जय भारत जय भारत स्वाभिमान

Rajkamal Sharma के द्वारा
July 29, 2012

आदरणीय भ्रमर जी …. सादर प्रणाम ! एक भ्रष्टाचारी को उखाड़ कर उसकी खाली जगह पर किसी दूसरे को बिठा दो फिर दूसरे से भी तंग आकर वापिस पहले वाले को गले से लगा लो क्योंकि सत्ताच्युत लोगो से कुछ तो सहानभूति हो ही जाती ही जनता की किसी ईमानदार टोली /जुंडली को तुम अपने सर और आँखों पर बिठा लो और इस अदला बदली के चक्र से छुटकारा पा लो :-D :-o :-( :-? :-x :-) :-P :mrgreen: :oops: :roll: :cry: :evil: ;-) :-D :-o :-( :-? :-x :-) :-? :-x :-) :-? :-x :-) :mrgreen: :oops: :roll: :cry: :evil: ;-) :-P :-? :-x :-) :evil: ;-) :-D :-o :-( :-D :evil: ;-) :-D :mrgreen: :-? :-x :-) : :roll: :oops: :-D :-o :-( :-? :-x :-) :-P :mrgreen: :oops: :roll: :cry: :evil: ;-) :-D :-o :-( :-? :-x :-) :-P :mrgreen: :oops: :roll: :cry: :evil: ;-) :-D :-o :-( :-? :-x :-) :-P :mrgreen: :oops: :roll: :cry: :evil: ;-) जय श्री कृष्ण जी

    surendr shukl bhramar5 के द्वारा
    July 29, 2012

    जनता की किसी ईमानदार टोली /जुंडली को तुम अपने सर और आँखों पर बिठा लो और इस अदला बदली के चक्र से छुटकारा पा लो.. प्रिय राज भाई राज तो यही है सच है आप का कथन लेकिन ईमानदार लोग और राजनीति जय श्री राधे न जाने कितने वर्ष लगेंगे अभी जहां सब चोर उचक्के ही भरे हों कोई एक वोट देगा कोई कन्वेस्सिंग करेगा कोई साथ घूमेगा कौन कम्बल बांटेगा कौन दारु अन्ना जी ने एक दिन कहा ऐसा भी कर सकते हैं दुसरे दिन कहा ऐसा नहीं करेंगे हाल बेहाल है एक ही उपाय है कोई भी रहे सख्त कानून हों लोकपाल अपना मजबूती से काम करें और कुछ परिणाम निकलना शुरू हो सब सुधरें फिर इमान और राजनीति जय श्री राधे आप सरकार को समझाइए … आभार भ्रमर ५

rekhafbd के द्वारा
July 27, 2012

सुरेन्द्र जी जोश जवानों का क्या कहना बूढ़े अपने ,,,शेर पंजा अगर गड़ा देंगे कल साँस न आये ..ढेर ईमां सत्य की राह न रोको .. ना चलती अंधेर दिया न बत्ती जलती प्यारे किले बने मिटटी के ढेर,बहुत सुंदर रचना ,अद्भुत ,,बधाई

    surendr shukl bhramar5 के द्वारा
    July 27, 2012

    आदरणीया रेखा जी ये जोश भरी पंक्तियाँ आप के मन में हुंकार भर पायीं और आप ने इन्हें सराहा काश हमारे सभी युवा जोशीले हों अपनी धरती को स्वच्छ रखने के लिए शपथ ले बढे चलें चढ़े चलें … आभार आप का भ्रमर ५

yamunapathak के द्वारा
July 27, 2012

बहुत कुछ विचार करने को विवश करती हैं ये पंक्तियाँ. भ्रमर जी आपकी यह रचना हर युवा को तोअव्श्य पढ़नी चाहिए अब परिवर्तन यही वर्ग ला सकता है.

    surendr shukl bhramar5 के द्वारा
    July 27, 2012

    आदरणीया यमुना जी अभिवादन सत्य वचन आप के काश हमारे प्रिय युवा ठान लें खुद अमल करें और जहा जिस स्थिति परिस्थित में हों आवाज उठायें एलार्म बजाएं बस काम हो जायेगा किसी की हिम्मत नहीं होगी चोर बाजारी भ्रष्टाचारियों की ….छोटी छोटी बातें काम आएँगी जैसे टी टी टी सी का पैसा माँगना किसी काम के लिए सरकारी आफिस में मुंह खोलना तुरंत विरोध हो …हो हल्ला शुरू हो जाये बस …पहले मुंह काला करना जरुरी है आभार भ्रमर ५

akraktale के द्वारा
July 27, 2012

भ्रमर जी सादर, ना शरमाओ अभी वक्त है साधू तुम बन सकते कुछ दिन निर्जन काल कोठरी आत्मसमर्पण करके बिलकुल सही सलाह देते रचना. बधाई.

    surendr shukl bhramar5 के द्वारा
    July 27, 2012

    प्रिय अशोक भाई काश इनके कानो से जन गण की आवाज सुनाई दे ढोल तासे नगाड़े भी इनके कान नहीं फाड़ पा रहे …इन की आँखों से इतनी भीड़ नहीं दिखती तो दिमाग सलाह क्या समझेगा भ्रमर ५

VIVEK KUMAR SINGH के द्वारा
July 27, 2012

जय श्री राधे , भ्रमर जी | बहुत ही अद्भुत रचना आपकी |

    surendr shukl bhramar5 के द्वारा
    July 27, 2012

    विवेक जी अभिवादन …आइये उन्हें जो आज अपनी जान दांव पर लगाये हम सब की खातिर डटे हैं उन को मान देते उनकी आवाज बुलंद करें …जय श्री राधे भ्रमर ५

Chandan rai के द्वारा
July 27, 2012

भ्रमर साहब , ऐसे वीर शेर हैं अपने छाती ताने ठाढ़े घर में घुस कर घेर लिए हैं दुश्मन को ललकारें गीदड़ – गीदड़ भभकी देता बोल नहीं कुछ पाए बिल में घुसकर दौड़ डराता अन्दर ही छुप जाये साँसे अटकी हैं उन सब की भ्रष्टाचारी जो है क्या मुंह ले वे सामने आयें फाईल यहाँ भरी है बहुत ही सुन्दर उम्दा रचना !

    surendr shukl bhramar5 के द्वारा
    July 27, 2012

    प्रिय चन्दन जी अपने शेरों को प्रोत्साहन दिया आप ने सुन ख़ुशी हुयी आभार भ्रमर ५

shashibhushan1959 के द्वारा
July 27, 2012

आदरणीय भ्रमर जी, जय हिंद ! मन आह्लादित हो गया यह रचना पढ़ कर ! “”ऐसे वीर शेर हैं अपने छाती ताने ठाढ़े .. नमन तुम्हे हे वीर हमारे कल तुम दुनिया जीते !!”"” इन भ्रष्टाचारियों का अंत समय अब बिलकुल निकट आ गया है ! बुझते हुए दिए की लौ हैं जो भुक-भुक कर रही है ! सच्चाई के इस तूफ़ान में, जो आज सबके दिलों में उठ खड़ा हुआ है, ये भ्रष्टाचारी पौधे जड़ से उखड कर ध्वस्त हो जाने वाले हैं ! सादर !

    surendra shukla bhramar5 के द्वारा
    July 27, 2012

    बुझते हुए दिए की लौ हैं जो भुक-भुक कर रही है ! सच्चाई के इस तूफ़ान में, जो आज सबके दिलों में उठ खड़ा हुआ है, ये भ्रष्टाचारी पौधे जड़ से उखड कर ध्वस्त हो जाने वाले हैं ! प्रिय शशि भाई आप के मुंह में घी शक्कर …सरस्वती माँ आप के जिह्वा में बैठे सब ये सच हो …जल्द हो ..अब तो तानाशाही ..नहीं करेंगे जो करना है कर लो वाली राग आ गयी ….ताकत है पद है सिपाही हैं …. जय श्री राधे भ्रमर ५

jlsingh के द्वारा
July 27, 2012

आदरणीय भ्रमर जी, सादर अभिवादन! इन्तजार हम करेंगे जीयें या फिर मरेंगे ना शरमाओ अभी वक्त है साधू तुम बन सकते कुछ दिन निर्जन काल कोठरी आत्मसमर्पण करके बेटा बेटी घर रिश्ते भी भी आज करेंगे माफ़ कल जो मुंह ढक के घूमोगे यही करें इन्साफ ठोकर जब इनसे खाओगे जिनके कारण लूटे चुल्लू में तुम डूब मरोगे अपनी छाती पीटे.. बाद में हो सकता है चुल्लू भर पानी भी न मिले! उत्तम चेतावनी!

    surendra shukla bhramar5 के द्वारा
    July 27, 2012

    बाद में हो सकता है चुल्लू भर पानी भी न मिले!.. जी जवाहर भाई बहुत सुन्दर कहा आप ने ऐसा भी होता है हो सकता है होगा भी … हम सुधरें तो सब सुधरेंगे जब बदलेगा ..लगता है इनके माँ बाप ने इन्हें पढाया ही नहीं …. आभार आप का समर्थन हेतु भ्रमर ५

dineshaastik के द्वारा
July 26, 2012

आदरणीय भ्रमर जी, सादर नमस्कार। क्राँति का आवाहन करती हुई बहुत ही सुन्दर एवं सराहनीय रचना…..

    surendra shukla bhramar5 के द्वारा
    July 27, 2012

    प्रिय दिनेश जी जय श्री राधे रचना कुछ समाज की व्यथा दिखाती जन चेतना लाने को जगा सकी लिखना सार्थक रहा आभार भ्रमर ५

Santosh Kumar के द्वारा
July 26, 2012

आदरणीय भ्रमर जी ,..सादर प्रणाम इतने चोर उचक्कों को माँ काहे दूध पिलाये ??……..मगरमच्छों को एक दिन शेर के जबड़े में आना ही होगा ,…सौ दिन चोर के एक दिन साधू का ,..वो एक दिन जरूर आएगा ,…सादर आभार सहित

    surendr shukl bhramar5 के द्वारा
    July 26, 2012

    हाँ संतोष जी उसी दिन का तो इंतजार है न जाने कब ….जो आज छाती ठोंक की सब को धता बता रहे हैं उन्हें एक न एक दिन मिटटी में मिलना होगा मुंह की खानी ही होगी कोई नहीं बचाएगा दुनिया अब सब समझ रही है पर मजबूर है उनकी पोस्ट उनका ओहदा उनका रुतबा … जय श्री राधे भ्रमर ५


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