Bhramar ka 'Dard' aur 'Darpan'

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छोरी छोरवन क अजब धमाल है कान्हा की कारगुजारी।

Posted On: 17 Mar, 2014 Others,social issues,कविता,Hindi Sahitya में

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आज उड़त अबीर गुलाल
छोरी छोरवन क अजब धमाल
है कान्हा की कारगुजारी। …
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मिटटी लेप किये कोई कजरा लगाये
बनरे लाल मुख धारी कोई लंगूर आये
कुर्ता टोपी रंगे कोई कपड़ा भी फाड़े
छोटी बड़ी पिचकारी रंग मारे बौछारें
ढोल मजीरा कोई पीटे है ताली
है कान्हा की कारगुजारी। … —–
आज उड़त अबीर गुलाल
छोरी छोरवन क अजब धमाल
है कान्हा की कारगुजारी। …

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काला मुख लिए मोतियन सी आँखें
राधा गोपियन की टोली है राह में ताके
तिरिया चक्कर से बच चलो झांके
कान्हा ग्वालों की अटकी रे साँसें
लिए लट्ठ गजब की ये होरी
है राधा की कारगुजारी। ……………।
आज उड़त अबीर गुलाल
छोरी छोरवन क अजब धमाल
है कान्हा की कारगुजारी। …
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============================
लाल गाल वाली सभी हरी पीली रंगी
चोली घाँघरा चूनर है अजब सतरंगी
गायें फगुवा कड़क जैसे दामिनि
काली दुर्गा ये प्रेम रंगी कामिनि
अरी ! होली है या री कबड्डी। …
है राधा की कारगुजारी ———–
आज उड़त अबीर गुलाल
छोरी छोरवन क अजब धमाल
है कान्हा की कारगुजारी। …
from google/net with थैंक्स bhramar5
=========================
खाये भंग पिए हैँ ठंडाई
ऋतु वासन्ती इनपे है छायी
प्रेम परवान जोड़ी बनि के आयी
कामदेव नजरों में खुमारी है छायी
इन्द्र दरबार परियाँ ज्यों आयीं —–
है कान्हा की कारगुजारी ———
आज उड़त अबीर गुलाल
छोरी छोरवन क अजब धमाल
है कान्हा की कारगुजारी। …

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पहने साड़ी बने कान्हा नारी
सेंध लाये धरे राधा प्यारी
ह हा हि ही हुल्लड़ गायें होरी
चूर मस्ती गजब खेलें होरी
छलके रस-रास यादगार होरी
है कान्हा की कारगुजारी। ।
आज उड़त अबीर गुलाल
छोरी छोरवन क अजब धमाल
है कान्हा की कारगुजारी। …
===================
सुरेन्द्र कुमार शुक्ल ‘भ्रमर’५
प्रतापगढ़ भारत
१५. ०३. १४
१० से १०. २५
हरदोई -लखनऊ मार्ग
लौह पथ गामिनी में
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14 प्रतिक्रिया

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नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

    surendr shukl bhramar5 के द्वारा
    March 22, 2014

    प्रिय योगी जी आप को ये फाग गीत और चित्र सुन्दर लगे लिखना सार्थक रहा अपना स्नेह बनाये रखें भ्रमर ५

yamunapathak के द्वारा
March 22, 2014

सुरेन्द्र जी बहुत सुन्दर फाग गीत है .

    surendr shukl bhramar5 के द्वारा
    March 22, 2014

    आदरणीया यमुना जी प्रोत्साहन के लिए आभार होली का ये रंग जीवन को आनंदित करे भ्रमर ५

deepak pande के द्वारा
March 18, 2014

वाह सुरेन्द्र जी बहुत खूबसूरत होली का सजीव चित्रण

    surendra shukla bhramar5 के द्वारा
    March 19, 2014

    प्रिय  दीपक जी आभार प्रोत्साहन हेतु अपने देश में ये भाई चारा बना रहे और रंगों का ये उत्सव ऐसे ही रंग भरे जीवन में सब के आप सपरिवार और मित्रों को भी होली कि ढेर सारी हार्दिक शुभ कामनाएं भ्रमर ५

Ramesh Bajpai के द्वारा
March 18, 2014

“{ढोल मजीरा कोई पीटे है ताली है कान्हा की कारगुजारी। … —– आज उड़त अबीर गुलाल ” प्रिय श्री शुक्ल जी फागुनी बयार सी गुदगुदाती रंगो भरी यह पोस्ट श्याम रंग में उकेरी गयी है | आपकी कल्पनाओ कि विविधता सराहनीय है | बधाई | शुभकामनाओ सहित

    surendra shukla bhramar5 के द्वारा
    March 19, 2014

    आदरणीय बाजपेयी जी आप को रचना अच्छी लगी , आभार प्रोत्साहन हेतु अपने देश में ये भाई चारा बना रहे और रंगों का ये उत्सव ऐसे ही रंग भरे जीवन में सब के आप सपरिवार और मित्रों को भी होली कि ढेर सारी हार्दिक शुभ कामनाएं भ्रमर ५

jlsingh के द्वारा
March 18, 2014

सचमुच कान्ह की ही कारगुजारी है आदरणीय भ्रमर जी, कान्हा सड़ी भी पहन लेते हैं एक साथ सभी गोपिओं से रास भी रचा लेते हैं राधा के साथ सातविक प्रेम भी निभा लेते हैं … जय श्री राधे!.. होली कि हार्दिक शुभकामनाएं!

    surendra shukla bhramar5 के द्वारा
    March 19, 2014

    प्रिय जवाहर भाई जी आप को रचना अच्छी लगी , आभार प्रोत्साहन हेतु ..सच कान्हा कि तो बात ही निराली है चाहे होली हो या निशि दिन के क्रिया कलाप मन मोहक … अपने देश में ये भाई चारा बना रहे और रंगों का ये उत्सव ऐसे ही रंग भरे जीवन में सब के आप सपरिवार और मित्रों को भी होली कि ढेर सारी हार्दिक शुभ कामनाएं भ्रमर ५

March 17, 2014

बहुत सुन्दर व् सार्थक प्रस्तुति .होली की हार्दिक शुभकामनाएं

    surendra shukla bhramar5 के द्वारा
    March 19, 2014

    आदरणीया शालिनी जी आप को रचना अच्छी लगी , आभार प्रोत्साहन हेतु अपने देश में ये भाई चारा बना रहे और रंगों का ये उत्सव ऐसे ही रंग भरे जीवन में सब के आप सपरिवार और मित्रों को भी होली कि ढेर सारी हार्दिक शुभ कामनाएं भ्रमर ५

Ravinder kumar के द्वारा
March 17, 2014

भ्रमर जी, होली की शुभकामनायें . होली के रंगो सी चंचल, कोमल, मोहक, गुदगुदाती, मन को महकाती और प्रेम से ओतप्रोत कर जाती कविता के लिए आपको बधाई. होली आप और आपके पूरे परिवार के मंगलमय हो.

    surendra shukla bhramar5 के द्वारा
    March 17, 2014

    प्रिय रवींद्र जी होली के मनभावन रंगों सी प्यारी प्यारी दिल को छूती आप कि सुन्दर और त्वरित प्रतक्रिया से मन बाग़ बाग़ हो गया होली का आनंद और बढ़ गया आप सपरिवार के जीवन की प्यारी प्यारी कल्पनाओं में ये पावन पर्व के अनूठे रंग भरें खुशियां आयें तन मन खिल जाए होली की ढेर सारी हार्दिक शुभ कामनाएं और बधाईयां भ्रमर ५


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