Bhramar ka 'Dard' aur 'Darpan'

this blog contains the pain of society. different colours of life.feelings and as seen from my own eyes .title ..as Naari..Pagli.. koyala.sukhi roti..ghav bana nasoor..ras-rang etc etc

296 Posts

4693 comments

surendra shukla bhramar5


Reader Blogs are not moderated, Jagran is not responsible for the views, opinions and content posted by the readers.

Sort by:

Page 60 of 60« First...304050«5657585960

नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

के द्वारा: shakuntlamishra shakuntlamishra

के द्वारा: surendra shukla bhramar5 surendra shukla bhramar5

के द्वारा: Madan Mohan saxena Madan Mohan saxena

के द्वारा: DR. SHIKHA KAUSHIK DR. SHIKHA KAUSHIK

के द्वारा: pkdubey pkdubey

के द्वारा: शालिनी कौशिक एडवोकेट शालिनी कौशिक एडवोकेट

के द्वारा:

के द्वारा: Dr.Swastik Jain Dr.Swastik Jain

के द्वारा: DR. SHIKHA KAUSHIK DR. SHIKHA KAUSHIK

के द्वारा: Bhagwan Babu 'Shajar' Bhagwan Babu 'Shajar'

के द्वारा: yatindranathchaturvedi yatindranathchaturvedi

के द्वारा: Pankaj Pankaj

के द्वारा: शालिनी कौशिक एडवोकेट शालिनी कौशिक एडवोकेट

के द्वारा: seemakanwal seemakanwal

के द्वारा: Bhagwan Babu Bhagwan Babu

के द्वारा: seemakanwal seemakanwal

के द्वारा: seemakanwal seemakanwal

के द्वारा:

आदरणीय भ्रमर जी, सादर ! ""तीव्र झोंके ने पर्दा उड़ा दिया सारे बाज -इकट्ठे दिखा दिया चालबाज, कबूतरबाज , दगाबाज अधनंगे कुछ कपडे पहनने में लगे दाग-धब्बे -कालिख लीपापोती में जुटे !"""" ""दुर्योधन-शकुनी मामा नहीं मरे द्यूत क्रीडा जारी है युधिष्ठिर हारे हैं कृष्ण नहीं विदुर नहीं सोच सोच कुढ़ता हूँ चीख है पुकार है मै भी अभी जिन्दा हूँ !!"" मैं कल भी ज़िंदा था, आज भी ज़िंदा हूँ, और कल भी ज़िंदा रहूँगा ! क्योंकि मैं "आम जनता"" हूँ ! मैं कल भी ज़िंदा था, आज भी ज़िंदा हूँ, और कल भी ज़िंदा रहूँगा ! क्योंकि मैं "लोकतंत्र " हूँ ! मैं कल भी ज़िंदा था, आज भी ज़िंदा हूँ, और कल भी ज़िंदा रहूँगा ! क्योंकि मैं "आम जनता का तंत्र"" हूँ ! ये चालबाज, कबूतरबाज , दगाबाज कुछ दिन और हँस लें, फिर तो रोना ही है ! सादर !

के द्वारा: shashibhushan1959 shashibhushan1959